पत्रकारों की स्वतंत्रता समाप्त हो गई तो देश की प्रगति शून्य हो जाएगी


 Satyakam News | 09/10/2020 4:16 PM


पत्रकारिता के एक जिम्मेदार पद पर होने के नाते मुझे यह कहना पड़ रहा है कि अब समय आ गया है देश के दूरसंचार मंत्रालय और माननीय सर्वोच्च न्यायालय को जागने का यदि अब नहीं जागा तो बहुत देर हो जाएगी कोई भी सरकार या प्रशासनिक अधिकारी गलत कर रहा है तो करता रहे कोई उसके विरुद्ध आवाज ना उठाएं यदि कोई पत्रकार उसके विरुद्ध आवाज उठाता है तो उसकी आवाज दबाने या कुचलने के लिए उस पर झूठे आरोप और केस दर्ज किए जाते हैं इसका मतलब तो यह है कि अब शायद देश में पत्रकार स्वतंत्रता समाप्त हो गई है यदि पत्रकारों की स्वतंत्रता समाप्त हो गई तो देश की प्रगति शून्य हो जाएगी देश में अराजकता फैल जाएगी जो ताकतवर है वह और तानाशाही हो जाएगा फिर हमारे प्रजातांत्रिक स्वरूप का महत्व ही क्या रह जाएगा महाराष्ट्र मै जो गतिविधियां इस समय चल रही है वह संदेह के घेरे में हैं वहां की सरकार किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही करती हुई दिखाई नहीं दे रही है दिशा और सुशांत केस को आज एक लंबा समय हो गया है अभी तक किसी भी प्रकार का कोई निर्णय सामने नहीं आया है यहां तक की इस मामले में जिन  लोगों के नाम आए थे वह भी मामला अब शांत होता दिखाई दे रहा है तो क्या इस देश में अब कानून नाम की कोई व्यवस्था नहीं बची है तो क्या हर कोई राजनीतिक ताकत कानून को अपने हाथ में रखती है फिर तो इस देश की जनता का विश्वास डगमगाना निश्चित है आज महाराष्ट्र कमिश्नर के द्वारा जो रिपब्लिक चैनल पर झूठे आरोप लगाए इससे सिद्ध होता है कि महाराष्ट्र पुलिस जो करें उसके खिलाफ कुछ बोलो मत नहीं तो हम आपको भी झूठे केस में घसीट लेंगे इसका मतलब यह हुआ कि जो सरकार में आ गया उसके लिए कानून कोई मायने नहीं रखता अब इस देश की मीडिया को भी सचेत हो जाना चाहिए अब नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की चापलूसी बंद कर देना चाहिए नहीं तो आप अपना अहित खुद कर रहे हो जाग जाओ नहीं तो बहुत देर हो जाएगी साथ ही मैं देश के सर्वोच्च न्यायालय और संचार मंत्रालय से पूछना चाहता हूं क्या संचार मंत्रालय देश का सर्वोच्च न्यायालय इस ओर ध्यान देगा क्या पत्रकारों के लिए देश की मीडिया को कोई विशेष अधिकार प्रदान करेगा यह सवाल केवल मेरे नहीं है यह सवाल अब जनमानस के अंदर उठने लगे हैं जो मैं अपने माध्यम से आप सर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं मैं अंत में एक बात जरूर कहूंगा अभी देश में निर्भीक पत्रकार हैं जो किसी भी प्रकार से डरने वाले नहीं हैं इस देश में अर्नव जैसे अनेक निर्भीक पत्रकार हैं जो किसी भी परिस्थिति में डरना नहीं जानते इसलिए सरकार को अतिशीघ्र पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है जिससे देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था सही बनी  रहे मीडिया का कार्य देश की हर घटना से देश की जनता को परिचित कराना और देश की मीडिया हमेशा सही के साथ खड़ी रहेगी राष्ट्रभक्ति के साथ अपने कार्य को करती रहेगी यही देश  की राष्ट्रभक्ति है इस आवाज को कोई दवा नहीं सकता।                                  
हरेंद्र शर्मा
स्टेट ब्यूरो हेड
लाइट ऑफ़ नेशन  न्यूज़ चैनल 

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