कोरोना के रैपिड टेस्ट के नाम पर फर्जीवाड़ा, गुजरात में डॉक्टर सहित 3 कर्मचारी टर्मिनेट


 Satyakam News | 28/01/2021 3:23 PM


सूरत। देश में कोरोना के कहर के बाद शहर में धन्वंतरि रथ के माध्यम से रैपिड टेस्ट किए जा रहे थे, अब इन सारे टेस्ट पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद हडकंप मच गया है। इसके बाद आनन-फानन में की गई कार्रवाई में संबंधित रथ पर लगी चार लोगों की टीम को हटाया दिया गया है। साथ ही 3 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर 1 इंटर्न डॉक्टर को कार्यमुक्त किया गया है। 

दरअसल, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इन्हीं रथों से टेस्ट करवा चुके 21 लोगों का रिकॉर्ड लेकर 11 लोगों से मौके पर ही बात कर पूछा तो जवाब मिला कि रथ वाले आए तो थे, लेकिन टेस्ट नहीं किया। उन्होंने केवल हमारा नाम और मोबाइल नंबर लिया था। बता दें कि ये सभी लोग मोटा वराछा के सुदामा चौक स्थित साईं मिलन, साईं श्रद्धा रेजिडेंसी, सुमन सरकार और साईं दर्शन संकुल में सोसाइटियों में रहने वाले हैं। 

इस खुलासे के बाद मनपा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मनपा ने इस धन्वंतरि रथ पर नियुक्त चार कर्मचारियों की टीम को हटा दिया है। साथ ही 3 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर 1 इंटर्न डॉक्टर को कार्यमुक्त किया गया है। इस मामले पर आम आदमी पार्टी के तुषार मेपानी ने आरोप लगाया कि, मनपा धन्वंतरि रथ के नाम पर रोज 20 लाख से अधिक का फर्जीवाड़ा कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि, मैं स्वयं इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री, मनपा स्वास्थ्य कमिश्नर सहित कई अधिकारियों को शिकायत कर चुका हूं।

इस पूरे प्रकरण पर मनपा के स्वास्थ्य अधिकारी प्रदीप उमरीगर ने बताया कि, हमारी प्राथमिक जांच में पता चला है कि, जिन लोगों के लिए 16 फार्म भरे गए थे उनमें से 4 के फार्म में नेगेटिव लिखा हुआ था। इन टेस्ट के लिए रैपिड टेस्ट की किट का उपयोग ही नहीं किया गया है। साथ ही हमने कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे 2 सर्विलांस वर्कर और एक नर्स से स्पष्टीकरण मांगने के साथ निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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