मुरैना में जहरीली शराब से 20 की मौत, मुख्यमंत्री ने तत्काल रूप से कलेक्टर और SP को हटाया


 Satyakam News | 13/01/2021 9:06 PM


भोपाल। मध्यप्रदेश के मुरैना में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हो गई। आनन-फानन में बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की बैठक बुलाई। मुरैना के कलेक्टर अनुराग वर्मा और SP अनुराग सुजातिया को हटाने का आदेश दिया गया है। SDOP को सस्पेंड किया गया है। 5 साल पहले मुरैना के जिस विसंगपुरा-मानपुर में शराबबंदी का निर्णय लिया गया था, उसी गांव में जहरीली शराब पीने से 3 दिन में 20 लोगों की जान चली गई।

बता दें कि मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल का भी गठन किया गया है। सूबे में पिछले नौ महीने में जहरीली शराब पीने से कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम ने कहा कि मुरैना की घटना अमानवीय और तकलीफ पहुंचाने वाली है। मिलावट के विरुद्ध अभियान संचालित है, फिर भी घटना दुखद है। ऐसे मामलों में कलेक्टर और एसपी दोषी होंगे, एक्शन लिया जाएगा। मैं मूकदर्शक नहीं रह सकता।

ज्ञातव्य है कि मरने वालों में आठ लोग मानपुरा गांव के हैं, जिनमें शराब तस्कर का भाई भी शामिल है। सुमावली के पहावली गांव के चार लोगों की मौत हुई है। इनमें दो सगे भाई हैं। इस मामले में प्रभारी आबकारी अधिकारी जावेद खां और बागचीनी थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ समेत दो बीट प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

छैरा-मानपुरा में दुकान-गुमटियों से अवैध शराब बेचने वाले सात शराब तस्कर मुकेश किरार, मानपुरा के गिर्राज किरार, उसके बेटे राजू किरार, पप्पू शर्मा और उसके बेटे कल्ला शर्मा, रामवीर राठौड़ और उसके बेटे प्रदीप राठौड़ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।

नई शराब नीति बेअसर
पिछली सरकार ने शराब के अवैध कारोबार को रोकने के लिए नई शराब नीति में नई दुकानें खोलने के बजाय डिमांड वाले इलाकों में उप-दुकान खोलने का फैसला किया था, लेकिन, अवैध शराब बिक्री रोकने में यह नीति बेअसर ही साबित हुई है।

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