कोविड -19 : दिल्ली सहित अब नोएडा और गाजियाबाद की शादियों में भी सिर्फ 100 लोग, नया आदेश


 Satyakam News | 21/11/2020 9:49 PM


नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। वहीं, जिला प्रशाासन ने शनिवार को शादी समारोह व अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सीमित कर दी है।

डीएम सुहास एलवाइ का कहना है कि अब शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों में 100 ही लोग शमिल हो सकेंगे। अगर कोई भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का तोड़ता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारियों ने ने अपने आदेश में कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आदेश में सभी लोगों से मास्क का उपयोग करने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और बार-बार हाथ धोने की अपील भी की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के प्रयास के तहत दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों की शुक्रवार को तीसरे दिन भी बॉटेनिकल गार्डन और झुण्डपुरा में 179 लोगों की रैपिड एंटीजन किट से जांच की, जिसमें 6 लोग कोविड संक्रमित मिले। तीन दिन की जांच में 18 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने दिल्ली-नोएडा सीमा के अलावा मेट्रो स्टेशन, बस अड्डों सहित कई अन्य स्थानों पर लोगों की औचिक तरीके से एंटीजन जांच के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि बीते दिनों अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी दिल्ली में होने वाले शादी समारोहों में शामिल होने वाले मेहमानों की संख्या 200 से घटाकर 50 कर दी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अतिथियों की पहले की संख्या सीमा को बुधवार को वापस ले लिया है। डीडीएमए के अध्यक्ष उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली में शादी समारोह में केवल 50 लोगों को शिरकत करने की अनुमति देने के 'आप' सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। दिल्ली सरकार ने 31 अक्टूबर को शादी समारोह में 200 लोगों तक को शामिल हो होने की इजाजत दे दी थी। सरकार ने अनलॉक की अवधि के दौरान 50 लोगों की सीमा तय की हुई थी। केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार ने शहर में शादी में 200 लोगों के शामिल होने देने के पहले आदेश को वापस लेने का फैसला किया है। 

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